अल्मोड़ा रोडवेज डिपो में लंबे समय से चालकों और परिचालकों की कमी बनी हुई है। इसका सीधा असर बस सेवाओं पर पड़ रहा है। कई रूटों पर महीनों से बसें नहीं चल पा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डे का निर्माण किया गया और बेड़े में 18 पुरानी बसों के अलावा 12 नई बसें भी जोड़ी गईं। बावजूद इसके, वर्तमान में नियमित 14 बस सेवाओं में से केवल 12 ही संचालित हो रही हैं। ग्रामीण रूटों पर स्थिति और भी गंभीर है। बसें न चलने से लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उनसे दोगुना किराया वसूला जा रहा है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि निगम से जल्द पर्याप्त चालक-परिचालक उपलब्ध कराकर बंद रूटों पर सेवाएं बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
