रानीखेत और द्वारसों क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेंदुए के कई बार आबादी वाले इलाकों में दिखने और पालतू मवेशियों पर हमले की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने बताया कि शाम ढलते ही वे दरवाजे बंद कर घरों में सिमट जाते हैं। बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगने लगा है। कई गांवों में लोग समूह बनाकर निगरानी कर रहे हैं।वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में शाकाहारी जीवों की घटती संख्या और इंसानी दखल के कारण तेंदुए भोजन की तलाश में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अब तेंदुए आसानी से मिलने वाले शिकार के आदी होते जा रहे हैं, जिससे उनके व्यवहार में बदलाव आ रहा है और भविष्य में यह इंसानी जीवन के लिए सीधा खतरा बन सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और वन क्षेत्रों में शाकाहारी वन्यजीवों को दोबारा बसाने की मांग की है ताकि तेंदुओं को उनके मूल निवास स्थान तक ही सीमित रखा जा सके।
