अल्मोड़ा जिले के जैंती महाविद्यालय, लमगड़ा महाविद्यालय और भतरौंजखान महाविद्यालय में शनिवार को गढ़भोज दिवस के अवसर पर शनिवार को औषधियों गुणों से भरपूर फसलों और मोटे अनाज से बनने वाले भोजन की गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी मे वहाँ मौजूद बड़ी बड़ी हस्तियों ने इससे जुड़े कई लाभ पर चर्चा की।
जैती महाविद्यालय मे इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि मोटा अनाज खाने से शरीर को कई लाभ होते हैं।उन्होंने मडुवे का हलवा, झंगोरे खीर, गहत की रोटी आदि की जानकारी दी। वहां डॉ. केशव दत्त जोशी, डॉ. मनोज कुमार पंत, डॉ. राधे श्याम, डॉ. राकेश बिष्ट, डॉ. मनोज कुमार पंत, डॉ. पूनम आदि मौजूद रहे।
लमगड़ा महाविद्यालय में इस दौरान वहाँ मौजूद प्राचार्य डॉ. साधना पंत ने बताया कि पहाड़ी भोजन उत्तराखंड राज्य को नई पहचान दिला रहा हैं। आने वाले वक़्त मे परंपरागत फसलों की ज़्यादा से ज़्यादा पैदावार बदलने की जरूरत है। वहां प्राध्यापक डॉ. रेनू जोशी, धर्मेंद्र नेगी, अर्जुन सिंह, गौरव सिंह बिष्ट, हिमांशु बिष्ट, हेम प्रकाश आर्या, सिद्धार्थ कुमार गौतम, दीपक कुमार, पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।
भतरौंजखान महाविद्यालय में अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर सीमा श्रीवास्तव ने कहां कि इसका उद्देश्य पहाड़ी भोजन को पहचान दिलाने के साथ उसकी पौष्टिकता के बारे में आम लोगों को जानकारी देना है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. केतकी तारा कुमैय्या ने कहा कि देश में बनी हुई चीजों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए उन्हें अधिक बढ़ावा देना चाहिए। वहा डॉ. पूनम, गिरीश, डॉ. रूपा, ललित मोहन, रोहित, जगदीश आदि मौजूद रहे।
