साल 2011 में ‘राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय उत्तराखंड अधिनियम’ पारित हुआ था। 14 साल बीत जाने के बाद भी राज्य में अभी तक राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय अस्तित्व में नहीं आ पाया है। जिसको लेकर भाजपा नेता पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समय से लंबित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सपने को साकार करने की मांग को लेकर सीएम धामी से आग्रह किया कि इस क्षेत्र में सरकार गंभीरता पूर्वक विचार कर महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के विधि संकाय को राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एन.एल.यू.) का दर्जा दे कर वर्षों से रुके हुए इस कार्य को कर युवाओं को सौगात देने का कार्य करे। बिट्टू कर्नाटक ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इस संकाय को एनएलयू का दर्जा प्रदान किया जाता है तो वर्ष 2011 में पारित अधिनियम को भी क्रियान्वित किया जा सकेगा और सरकार की प्रतिबद्धता भी पूरी हो पाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में विधिक शिक्षा और अनुसंधान के स्तर में व्यापक सुधार आएगा तथा छात्रों को गुणवत्तापरक विधिक शिक्षा के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, साथ ही उत्तराखंड की शैक्षिक और न्यायिक प्रतिष्ठा राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी। बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति एवं माननीय मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर इस विषय को आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा।।
