सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा और उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूकॉस्ट), देहरादून के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू से दोनों संस्थान मिलकर शोध और शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा देंगे। समझौते के तहत फैकल्टी और संसाधनों का आदान-प्रदान किया जाएगा। शोधार्थियों, विद्यार्थियों और अकादमिक सदस्यों को प्रयोगशालाओं की सुविधाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कॉन्फ्रेंस और सेमिनार में भागीदारी, शोध पत्र प्रकाशन, फील्ड प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप जैसे अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही पर्यावरण, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, परंपरागत ज्ञान, सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण और रिमोट सेंसिंग/जीआईएस जैसे विषयों पर शोध कार्य किए जाएंगे। कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यूकॉस्ट के साथ हुए समझौते से विश्वविद्यालय में शोध और अकादमिक गतिविधियों को सुदृढ़ आधार मिलेगा। एमओयू पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. बिष्ट और यूकॉस्ट की ओर से डॉ. नवीन चंद जोशी (साइंटिस्ट इंचार्ज, मानसखंड साइंस सेंटर, अल्मोड़ा) तथा डॉ. जी.सी.एस. नेगी (एमिरेट्स साइंस, मानसखंड साइंस सेंटर, स्यालीधार) ने हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी अमित कुमार त्रिपाठी ने गवाह के रूप में दस्तखत किए। इस अवसर पर प्रो. जे.एस. रावत (एडवाइजर, यूकॉस्ट व विजिटिंग प्रोफेसर, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय) और क्रीड़ा प्रभारी लियाकत अली भी उपस्थित रहे।
