
अल्मोड़ा । भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के हवालबाग स्थित प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र में शनिवार को ‘खेती में नवीनता – पोषण में श्रेष्ठता’ थीम पर आधारित 52वें कृषि विज्ञान मेले का भव्य आयोजन किया गया।
मेले में 10 जिलों से आए 1129 किसानों ने प्रतिभाग कर आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत प्रजातियों की जानकारी हासिल की।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. मांगी लाल जाट, सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग), भारत सरकार एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने किया।
इस दौरान उन्होंने ‘वी.एल. त्रिपोषी’ और ‘वी.एल. सुपोषिता’ जैसी बायोफोर्टिफाइड मक्का किस्मों को पोषण सुरक्षा की दिशा में अहम बताया और उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने बताया कि संस्थान अब तक 200 से अधिक उन्नत फसल प्रजातियां विकसित कर चुका है।
उन्होंने हींग, किनोआ, मशरूम उत्पादन और मौनपालन को किसानों की आय बढ़ाने के बेहतर विकल्प बताए।मेले में ‘शताब्दी महिला छात्रावास’ का शिलान्यास भी किया गया। साथ ही विभिन्न नई प्रजातियों और कृषि प्रकाशनों का लोकार्पण किया गया। प्रदर्शनी में करीब 40 स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया और अनुसूचित जाति व जनजातीय उपयोजना के तहत कृषि उपकरणों का वितरण भी किया गया। कृषक गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें नवीन खेती के गुर सिखाए।इस अवसर पर विभिन्न कृषि संस्थानों के वैज्ञानिक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
