सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान से संबद्ध गोविंद बल्लभ पंत बेस चिकित्सालय, अल्मोड़ा में कोविड काल से निरंतर कार्यरत आउटसोर्सिंग, उपनल व पीआरडी कार्मिकों का धैर्य अब टूटता नजर आ रहा है। वार्ड ब्वॉय, आया, सुरक्षा गार्ड और पर्यावरण मित्र जैसे पदों पर वर्षों से सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों के पद आज तक स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। इसके चलते उनका मानदेय भी रोक दिया गया है। कर्मचारियों ने कई बार मौखिक व लिखित रूप से शासन-प्रशासन से गुहार लगाई थी, यहां तक कि स्वास्थ्य निदेशक और चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा भी पद स्वीकृति का आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। कर्मचारियों ने बताया कि हरिद्वार और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज पूरी तरह संचालित भी नहीं हैं, फिर भी वहां पद स्वीकृत कर दिए गए, जबकि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कार्यरत स्टाफ अब भी असुरक्षा और मानदेय संकट का सामना कर रहा है। वर्तमान में कुल 106 कर्मचारी (61 पीसीएस, 35 उपनल और 10 पीआरडी) पद स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो 19 सितंबर से सांकेतिक कार्यबहिष्कार शुरू किया जाएगा और 22 सितंबर से पूर्ण कार्यबहिष्कार होगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि इस दौरान यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
