राज्य में पंचायत चुनावों की व्यस्तता के बीच व्यापारी और उद्यमी वर्ग ने जीएसटी रिटर्न की अंतिम तिथि में एक माह की बढ़ोतरी की मांग की है। वर्तमान में जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 24 जुलाई 2025 है, जो पहले चरण के चुनाव की तिथि से टकरा रही है। चुनावों में भागीदारी के चलते व्यापारी, ठेकेदार और छोटे उद्यमी अपने रिटर्न समय पर दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। कई लोग प्रत्याशी हैं, जबकि अन्य प्रचार और आयोजन कार्यों में व्यस्त हैं। ऐसे में समयसीमा के पालन में असमर्थ व्यापारी वर्ग पर जुर्माना और आर्थिक दंड की स्थिति पैदा हो रही है। इस संदर्भ में एडवोकेट वैभव पांडे ने प्रदेश और केंद्र सरकार से मांग की है कि व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जीएसटी रिटर्न की अंतिम तिथि को 24 अगस्त 2025 तक बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि “छोटे व्यवसायी, ठेकेदार एवं व्यापारी प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं। चुनावों के दौरान उनकी व्यस्तता को नजरअंदाज करना न्यायसंगत नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह त्वरित संज्ञान लेकर जीएसटी रिटर्न की समयसीमा में एक माह का विस्तार करे, ताकि व्यापारी वर्ग पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।” यह मांग राज्यभर के व्यापारी संगठनों, ठेकेदार संघों और छोटे उद्यमियों की ओर से उठाई जा रही है। उम्मीद की जाती है कि सरकार इस व्यवहारिक मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगी।
