अल्मोड़ा बीते दो दिन से जिला मुख्यालय के साथ ही रानीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया, सोमेश्वर, भिकियासैंण, ताकुला, भैंसियाछाना सहित अन्य हिस्सों में बुधवार तड़के भारी बारिश होने से जनजीवन तहस नहस हो गया। बारिश के बाद जगह-जगह सड़कों और रास्तों पर जलभराव से लोग परेशान रहे। वहीं पहाड़ी से मलबा गिरने से सुवाखान, चलनीछीना एसएच सहित कोसी-कुरीछीना, मकड़ाऊ-दशौला, थला-ध्याड़ी, चमकना-थात, पैसिया-मल्ला गड़कोट, जैंती-नयासंग्रौली, चौसाला-थिल, गजार-क्वैराली, खेती-जटेश्वर, मन्हैत-पीपना, द्वाराहाट-गोचर सड़कें बंद हो गईं। इससे 80 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए। चौखुटिया के चांदीखेत में कालीगाड़ नाला उफान पर आ गया जो अपने साथ भारी मात्रा में मलबा बहा लाया। नाले का बहाव मुख्य बाजार की तरफ होने से यहां रह रहे लोग दहशत में रहे जबकि आठ से अधिक दुकानों में मलबा घुस गया। नगर के रानीधारा में बारिश के बाद सड़क पर जमा मलबा कीचड़ में तब्दील हो गया। ऐसे में इस सड़क पर राह चलना मुश्किल हो गया है, इससे क्षेत्र के लोग परेशान हैं। कीचड़ से पटी सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। नगर के पास राजपुरा में बारिश के बाद स्थानीय निवासी मनोज कुमार का पुराना मकान ध्वस्त हो गया। सूचना के बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। मकान ध्वस्त होने से भवन स्वामी को नुकसान पहुंचा है। हालांकि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। रामनगर-बदरीनाथ हाईवे पर रतनपुर के पास नाला उफान पर आने से आवाजाही ठप रही। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए। बारिश कम होने के बाद नाले का प्रवाह कम हुआ तो वाहन चालकों ने यहां से निकलने की हिम्मत जुटाई।
