जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने आज चितई गोलू मंदिर पहुंचकर मंदिर समिति के सदस्यों से मंदिर के स्वरूप को लेकर विचार विमर्श किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को गतिविधियां पढ़ रही हैं, श्रद्धालुओं की संख्या में गुणात्मक वृद्धि हो रही है उनके दृष्टिगत और भविष्य में धार्मिक पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए मंदिर का सकारात्मक विकास जरूरी है। मंदिर को भव्य एवं दिव्य स्वरूप दिया जाना अनिवार्य है जिससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को एक अलग दिव्य अनुभूति का अहसास हो। मंदिर के विस्तार के साथ साथ इसके स्वरूप को लेकर जल्द ही एक महत्वपूर्ण बैठक की जाएगी और सभी हितधारकों से विचार विमर्श कर निर्णय किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर के प्रस्तावित स्वरूप का मोड्यूल भी मंदिर समिति के सदस्यों एवं पुजारियों को दिखाया जिसकी सभी ने सराहना की। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत भी मंदिर के विकास को लेकर कार्य किए जाने हैं, परंतु मंदिर के अंतरिक कार्य इस परियोजना के अंतर्गत नहीं आते इसलिए मंदिर के अंतरिक सुधारात्मक कार्य मंदिर समिति तथा जिला स्तर के फंड से किए जाने प्रस्तावित हैं। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर का भी निरीक्षण किया और संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
