पंचायत चुनाव नतीजों को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन कई गांवों की छोटी सरकार अभी तक पूरी तरह आकार नहीं ले पाई है। वजह है प्रधानों का अधूरा शपथ ग्रहण। ताड़ीखेत ब्लॉक में कुल 130 ग्राम प्रधानों में से केवल 18 ने ही शपथ ली है, जबकि 112 अब भी प्रतीक्षा में हैं। अन्य ब्लॉकों का हाल भी इसी तरह है। ताकुला में 89 में से सिर्फ 13, भैसियाछाना में 53 में से 9, चौखुटिया में 95 में से 20, हवालबाग में 126 में से 36, सल्ट में 138 में से 38, भिकियासैंण में 99 में से 27, स्याल्दे में 95 में से 12, धौलादेवी में 110 में से 28, लमगड़ा में 103 में से 16 और द्वाराहाट में 122 में से केवल 18 प्रधान ही शपथ ले पाए हैं। इस देरी का सीधा असर गांवों के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। ग्राम प्रधानों की अनुमति के बिना न तो बुनियादी जरूरतों पर फैसले हो पा रहे हैं और न ही सरकारी योजनाएं गांवों तक पहुंच रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो विकास की रफ्तार पूरी तरह थम जाएगी। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होते ही सभी प्रधानों को शपथ दिलाई जाएगी। अब ग्रामीणों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आखिर कब पंचायतें सक्रिय होकर विकास की गाड़ी को आगे बढ़ाएंगी।
