अल्मोड़ा के हवालबाग ब्लाॅक के अंतर्गत रैलाकोट के जंगल में रविवार को एक तेंदुए का शव देखा। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए एनटीडी रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया। दो पशु चिकित्सक डॉ. करन गुप्ता और डॉ. अमृता सिंह ने शव का पोस्टमार्टम किया और इसके बाद वन विभाग ने इसे जलाकर नष्ट किया।
रेंजर मोहन राम आर्या ने बताया-
नर तेंदुए की उम्र लगभग 10 साल थी। दो से तीन दिन पूर्व उसकी मौत हो चुकी थी। कहा कि प्रथम दृष्टया ठंड तेंदुए की मौत का कारण है। असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। डॉ. करन गुप्ता ने कहा कि रात के समय तापमान माइनस में पहुंच रहा है। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर जंगली जानवरों को निमोनिया की शिकायत हो जाती है। तेंदुए की मौत भी ठंड से हुई है।
