अल्मोड़ा जनपद के स्याल्दे क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, यहां एक पिता ने अपने 12 वर्षीय दिव्यांग बेटे की हत्या की कोशिश की। लेकिन समय पर पहुंचे कुछ राहगीरों की सतर्कता ने बच्चे की जान बचा ली।जानकारी के अनुसार, स्याल्दे ब्लॉक के एक गांव का निवासी व्यक्ति अंबाला में निजी नौकरी करता है और हाल ही में छुट्टियों में घर आया था। एक जून को वह अपने दिव्यांग पुत्र को पढ़ाई का बहाना बनाकर साथ ले गया और कुछ दिन बाहर रहने के बाद 14 जुलाई की शाम बस से लौटते समय देघाट की बजाय स्याल्दे के पास एक सुनसान इलाके में उतर गया। यहां पर उसने पहले बेटे को एक ठंडे पेय में नशीली गोली मिलाकर बेहोश किया और फिर गला घोंटकर जान लेने की कोशिश की। तभी कुछ गुज़र रहे कुछ रहागीरो ने स्थिति को भांपते हुए दोनों को चंपानगर ले गए। मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने तुरंत देघाट पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बेहोश बच्चे को स्याल्दे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
