कांग्रेस जिला महामंत्री निर्मल रावत ने विभागीय समीक्षा बैठकों में भाजपा जिला अध्यक्ष और पार्टी के पदाधिकारियों का जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ प्रमुखता से बैठने पर घोर आपत्ति दर्ज की है..उन्हों कहा कि यह कृत्य लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है। कांग्रेस महामंत्री निर्मल रावत ने कहा कि सरकारी तंत्र जनता के प्रति जवाबदेह है, न किसी राजनीतिक दल या उसके पदाधिकारी के, हाल में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला अधिकारी को इस तरह के प्रयासों पर विरोध करना चाहिए था.आये दिन सरकारी विभागों की समीक्षा बैठकों में भाजपा पदाधिकारियों के इस तरह बैठे रहने से यह स्पष्ट जाहिर होता है कि भाजपा संगठन और सरकार के बीच की रेखा पूरी तरह धुंधली हो चुकी है।जिला महामंत्री निर्मल रावत ने कहा कि लगता है अधिकारियों ने भी भाजपा पार्टी को सरकार मानना शुरू कर दिया है, उनके लिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का कोई महत्व नहीं रह गया है…कांग्रेस का कहना है कि प्रशासनिक और विभागीय समीक्षा का अधिकार निर्वाचित सरकार और अधिकृत अधिकारियों को है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारियों को। इस तरह के कृत्य भाजपा से जुड़े लोगों का प्रशासन पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का मजाक उड़ाने और राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।कांग्रेस ने मांग की है कि वर्तमान समय में प्रशासन को अपनी निष्पक्षता बनाए रखने और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहकर काम करने की आवश्यकता है, , ताकि जनता का उनकी निष्पक्षता पर विश्वास कायम रहे। उन्होंने भविष्य में जिला अधिकारी से भी इस तरह के कुत्सित राजनैतिक प्रयासों का विरोध करने की उम्मीद जताई
