देश की आज़ादी की गवाही देने वाली अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जेल अब नए रूप में दिखाई देगी। कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) ने इसके कायाकल्प के लिए प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि पुनर्निर्माण पुराने फसाड़ और पारंपरिक पहाड़ी शैली में ही होगा, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान कायम रह सके। इस दौरान नेहरू वार्ड को यथावत रखा जाएगा, क्योंकि यह स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी यादों का अहम हिस्सा है। वर्ष 1872 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित इस जेल ने आज़ादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता सेनानियों ने यहां ब्रिटिश हुकूमत की कठोर यातनाएं सही थीं और यह जगह आज भी उनके संघर्षों की गवाही देती है। जेल के जीर्णोद्धार से न सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर को संजोने का काम होगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आज़ादी की लड़ाई की कहानियों से भी रूबरू कराया जाएगा।
