नगर में दशहरा महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। नंदा देवी मंदिर प्रांगण में हुई दशहरा महोत्सव समिति की बैठक में इस वर्ष पर्व को भव्य स्वरूप देने का निर्णय लिया गया। समिति का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से इस आयोजन का आकर्षण फीका पड़ रहा था, लेकिन इस बार दशहरा को ऐतिहासिक गरिमा के साथ मनाया जाएगा। निर्णय लिया गया कि रावण व उसके परिवार के पुतलों का दहन अल्मोड़ा स्टेडियम में होगा। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य आतिशबाज़ी भी आयोजित की जाएगी। समिति का मानना है कि यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी देता है। बैठक में समिति का पुनर्गठन भी हुआ। अजीत कार्की को दोबारा अध्यक्ष चुना गया, जबकि धर्मेंद्र बिष्ट मुख्य संयोजक बनाए गए। मनोज जोशी को सांस्कृतिक संयोजक और वैभव पाण्डेय को सचिव की जिम्मेदारी दी गई। राजेंद्र तिवारी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं, मनोज सनवाल, दीप सिंह डांगी और ललित लटवाल मुख्य सलाहकार बने। मीडिया की जिम्मेदारी कपिल मल्होत्रा और हनी वर्मा को सौंपी गई। समिति ने नगरवासियों से अपील की है कि वे इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें ताकि दशहरा महोत्सव अपनी पुरानी चमक और पहचान वापस पा सके। समिति के अध्यक्ष अजीत कार्की ने कहा कि— दशहरा महोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश है। इस बार का आयोजन नगर की जनता के सहयोग और उत्साह के साथ ऐतिहासिक बनेगा। बैठक की अध्यक्षता अजीत कार्की ने की। इस अवसर पर समिति के कई गणमान्य सदस्य और नगरवासी उपस्थित रहे, जिनमें दीप लाल साह, धर्मेंद्र बिष्ट, वैभव पाण्डेय, किशन लाल, हरीश कनवाल, हितेश नेगी, परितोष जोशी, दीप सिंह डांगी, जगदीश वर्मा, कपिल मल्होत्रा, दीप जोशी, तारा चंद जोशी, आनंद बगड़वाल, मनोज सनवाल, कृष्ण बहादुर, पार्षद कुलदीप मेर, पार्षद अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा, भगत, राजेंद्र तिवारी, उज्जवल जोशी ,पंकज सिंह कनवाल ,सूरज वाणी ,शरद अग्रवाल, दिनेश मठपाल, विनीत बिष्ट, ललित लटवाल, मनोज जोशी, अशोक पाण्डेय, हनी वर्मा, सलमान अंसारी, सुशील साह, कांची वर्म, आशीष भारती आदि शामिल रहे।
