आज के समय में ज्यादातर लोगों में धूम्रपान करने का चस्का बालिग होने से पहले ही लग जाता है। कभी दोस्तों के बीच कूल दिखने तो कभी शौक के तौर पर इन गलत आदतों को युवा पीड़ी जल्दी अपना रही है। धूम्रपान पर किए गए एक ताजा अध्ययन के मुताबिक सिगरेट पीने वाले 10 लोगो में से 9 लोगों ने 18 साल का होने से पहले ही इसे पीना शुरू कर दिया था। यानी 90 प्रतिशत युवा बालिग होने से पहले ही तंबाकू उत्पादों की जद में आ जाते हैं। डब्ल्यूएचओ ने तंबाकू और निकोटिन से मुक्ति नामक रिपोर्ट पेश कर ये जानकारी दी और दिशा-निर्देश जारी किए। एक रिपोर्ट के अनुसार मिली हुई जानकारी के मुताबिक विश्व के 1.8 अरब युवाओं में से 80 फीसदी से ज़्यादा युवा विकासशील देशों में रहते हैं। इनमें 99 प्रतिशत 26 साल की उम्र तक सिगरेट का सेवन करने लगते हैं। रिपोर्ट में इसके लिए तंबाकू उद्योगों को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो निकोटिन उत्पादों के प्रति युवाओं को लक्षित कर रहे है। दुनिया में हर साल तंबाकू से 80 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। यानी हर चार सेकंड में एक व्यक्ति अपनी जान गंवा रहा है।
सिगरेट के धुएं से बच्चो को हो रहे नुकसान-
दुनिया में मौजूद आधे बच्चे धूम्रपान के धुएं में प्रदूषित हवा के ज़रिये सांस ले रहे हैं। जिसकी वजह से हर साल 51 हजार बच्चों की मौत हो जाती है। 50 देशों में 13-15 वर्ष की आयु के 10 फीसदी छात्रों ने सूचना दी कि कई तंबाकू कंपनियां उन्हें मुफ्त सिगरेट की पेशकश कर चुकी हैं। उन्होंने माना कि वह सिगरेट का पैकेट लेने से मना नहीं कर सके।
विज्ञापनों पर ज्यादा खर्च कर बढ़ावा देना-
आज के समय में तंबाकू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कंपनियां बिना सोचे समझें काफी सारा पैसा खर्च कर रही है। आपको बता दे की साल 2018 में 2.4 करोड़ डॉलर से अधिक तंबाकू विज्ञापनों और प्रचार पर खर्च किया गया। वहीं नौ अरब डॉलर का खर्च तंबाकू उत्पादों को बनाने पर खर्च किया गया। इन हालात को देखते हुए अमेरिका में पिछले महीने कंपनियों को अवैध ई-सिगरेट की बिक्री बंद करने की चेतावनी दी गई।
धूम्रपान छोड़ने के फायदे –
20 मिनट में हृदय की गति और रक्त दबाव में गिरावट दर्ज होती है, 12 घंटों के अंदर शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है, 2-12 सप्ताह के भीतर श्वसन में सुधार और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ जाती है, 19 महीनों के अंदर, खांसी और सांस की तकलीफ का कम हो जाती है, 15-15 वर्षों के भीतर स्ट्रोक का जोखिम काफी कम हो जाता है, 10 साल के अंदर फेफड़ों में होने वाले कैंसर का खतरा कम हो जाता है, एक साल के अंदर भीतर हृदय रोग का खतरा धूम्रपान करने वालों से लगभग आधा हो जाता है।
धूमपान से होने वाले नुकसान –
90 प्रतिशत फेफड़ों के कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है, 30 प्रतिशत अन्य कैंसर के लिए, 20-25 फीसदी हृदय रोग के लिए।
