अल्मोड़ा शहर की परंपरागत पहचान बन चुके नौले आज विलुप्ति की कगार पर हैं, लेकिन इन प्राचीन जल स्रोतों को बचाने की दिशा में अब जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने मिलकर एक सराहनीय पहल शुरू की है। पार्षद अमित साह ‘मोनू’ के नेतृत्व में नगर के नौलों की सफाई एवं संरक्षण अभियान को उनके साथियों और आमजन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। करीब डेढ़ माह पूर्व शुरू हुए इस अभियान के तहत हर सप्ताह नगर के किसी एक नौले की सफाई की जा रही है। इसके साथ ही, भविष्य में इनका निरंतर इनका संरक्षण भी किया जाएगा। पार्षद अमित साह ने बताया कि कभी अल्मोड़ा नगर में सैकड़ों नौले थे, जो शुद्ध पेयजल का प्रमुख स्रोत माने जाते थे। समय के साथ इनमें से दर्जनों नौले विलुप्त हो गए।अब सिर्फ गिनती के नौले बचे हैं, जिन्हें बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अभियान में पार्षदों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे नगर निगम एवं प्रशासन से भी अनुरोध करते हैं कि इन नौलों को सुव्यवस्थित करने के लिए अपने स्तर से बजट का आवंटन भी करें ताकि इनमें जो टूट फूट है उसका सुधारीकरण किया जा सके। पार्षद ने बताया कि उनका यह अभियान आगे निरंतर जारी रहेगा।
