साल के पहले ही दिन नये कानून के विरोध में ऑल इंडिया चालक फेडरेशन की हड़ताल के चलते यात्रियों और पर्यटकों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस हड़ताल के चलते जिले में रोडवेज बसो का संचालन नहीं हुआ जिसकी वजह से यात्री बेबस रहे। बस के इंतजार में घंटो तक स्टेशन पर यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। बस के न आने पर मजबूरन उन्हें टैक्सी और केमू बस की तरफ रुख करना पड़ा। हालांकि अल्मोड़ा के चालकों का कहना है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं थे लेकिन उनकी बसों को हल्द्वानी में ही रोक लिया गया।इस वजह से हड़ताल पर रहे चालक-हिट एंड रन के मामले में चालक को 10 साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माने का कानून लागू होते ही ऑल इंडिया चालक फेडरेशन से जुड़े उत्तराखंड परिवहन निगम के चालक इसके विरोध में उतर आए हैं। इस कारण अल्मोड़ा डिपो से 10 और रानीखेत डिपो से 14 बसों का संचालन प्रभावित रहा। इन बसों को चलाने के लिए डिपो में 40 चालक हैं। हर रोज इन रूट पर 3000 से अधिक यात्री सफर करते हैं। हड़ताल के कारण सोमवार को बस वर्कशॉप से रोडवेज स्टेशन नहीं पहुंची, इससे यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। मजबूर होकर यात्रियों और पर्यटकों ने टैक्सी स्टैंड और केमू स्टेशन का रुख किया। केमू बस में सीट पाने के लिए यात्री टूट पड़े। केमू की बस में सीट न मिलने पर कई यात्रियों को टैक्सी में ऊंचा किराया देकर गंतव्य को रवाना होना पड़ा।
